इस वर्ग में उपलब्ध कराये गये पाठ्यचर्याएं विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के एम ए के विद्यार्थियों के उपलब्ध हैं

इस पाठ्यचर्या के अंतर्गत विद्यार्थियों को पहचान की संकल्पनाओं, इसके विविध रूपों एवं  इनसे जुड़ी सामाजिक-सांस्कृतिक प्रक्रियाओं से परिचित कराया जायेगा। इस पाठ्यचर्या के अध्ययन से विद्यार्थी  भारतीय डायस्पोरा द्वारा प्रदर्शित विविध पहचानों को उनके ऐतिहासिक-सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में समझ सकेंगे।


इस पाठ्यचर्या का अध्ययन करने के उपरांत विद्यार्थी अनैच्छिक अंतरराष्ट्रीय प्रवासन गतिविधियों एवं उनके विभिन्न रूपों मानव तस्करी, आश्रय खोजकर्ता एवं शरणार्थी श्रणियों से परिचित हो पाएंगे। वे अनैच्छिक प्रवासी समुदायों की विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं से परिचित हो पाएंगे। इसके साथ ही वे अंतरराष्ट्रीय डायस्पोरा जनकल्याण के उभरते स्वरूप को समझ पाएंगे तथा  भारतीय डायस्पोरा संगठनों के स्वरूप एवं उनके जनकल्याण योगदानों को रेखांकित कर सकेंगे।